नई दिल्ली। कोरोना महामारी ने लोगों को घर पर कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। भले ही कोई वर्क फ्रॉम होम कर रहा हो या फिर ऑफलाइन क्लासेज ले रहा हो, सोशल मीडिया के हर कोई कनेक्टेड है। कोरोना से पहले और आज के समय में सोशल मीडिया के इस्तेमाल में जमीन-आसमान का अंतर देखा जा रहा है। लोग पहले से ज्यादा ऑफलाइन रहने लगे हैं। कोरोना महामारी के दौरान मैसेंजर जैसे निजी मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। फेसबुक के अनुसार, यूजर्स हेलिंग और स्कैम्स से ज्यादा प्रोटेक्शन, प्राइवेसी कंट्रोल और अनव फ़ॉन्टेड इंट्रूजन्स से फ्री एक्सपीरियंस की मांग कर रहे हैं। कंपनी ने कहा कि इस साल मैसेंजर और इंस्टाग्राम डायरेक्ट के लिए डिफलेट और टू-एंड एन्क्रिप्शन में ज्यादा प्रोग्रेस होने की उम्मीद है। हालाँकि, यह एक लावग-टर्म प्रोजेक्ट है। वर्ष 2022 से पहले यह पूरी तरह से से-टू-एंड एंडेड नहीं होगा।

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कौन-सा डेटा फेसबुक या अन्य मैसेजिंग ऐप द्वारा एक्सेस किया जा रहा है- यूजर्स
यूजर्स यह जानना चाहते हैं कि उनका डेटा किस तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है और कौन-सा डेटा फेसबुक या अन्य मैसेजिंग ऐप द्वारा एक्सेस किया जा रहा है। कंपनी ने अपने खुद के ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि हमें अपने मैसेजिंग ऐप्स के अंदर यूजर्स को ज्यादा प्राइवेसी सेटिंग्स और फीचर्स देने के तरीकों पर विचार करना चाहिए। इसके लिए एक विचारशील उत्पाद डिजाइन और उपयोगकर्ता शिक्षा की आवश्यकता है जिससे फीचर्स को खोजने में मदद मिल सकेगी। सिर्फ यही नहीं, यूजर्स अनव फ़ॉन्टेड इंट्रेक्शन को नियंत्रित करने के लिए नियंत्रक भी चाहते हैं।

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हम पहले से ही रिक्वेस्ट फोटर में मैसेजेज को फ्लिटर कर रहे हैं- फेसबुक
फेसबुक ने हाल ही में हुए एक वर्कशॉप में कहा है, “हम पहले से ही रिक्वेस्ट फोल्डर में मैसेजेज को फ्लिटर कर रहे हैं। हम मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर एडल्ट टू माइनर मैसेजेज को प्रतिबंधित करने के साथ आवश्यक कदम उठाने वाले हैं? पिछले साल। हमने मैसेज रिक्वेस्ट और मैसेजिंग सेटिंग्स में इमेजेज या नंबर को ब्लॉक करने जैसे कई सेफ्टी फीचिंग पेश कर रहे थे। ”

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स्कैम्स से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाए गए कंपनी
विशेषज्ञों ने फेसबुक को अपने प्रयासों को जारी रखने, स्कैम्स का मुकाबला करने और लोगों की जानकारी को सुरक्षित करने के लिए अधिक से अधिक काम करने के लिए कहा है। फेसबुक ने कहा है, “उन्होंने हमारे प्रोडक्ट्स के ह्यूमन राइट्स के प्रभाव पर विचार जारी रखने का अनुरोध किया है।

हमें सिक्योरिटी, प्राइवेसी और सिक्योरिटी में बैलेंस खोजने की आवश्यकता है। मैसेंजर पॉलिसी के डायरेक्टर गेल केंट ने कहा, ” सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए लोगों के मैसेजेज की निजता और सिक्योरिटी को संतुलित करने की स्पष्ट आवश्यकता है। ” लोगों को अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा और उनके मैसेजेज की गोपनीयता के बारे में चिंतित हैं। ।

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10 में से 7 अमेरिकियों ने कहा कि उनकी निजी जानकारी कम सुरक्षित है
वर्ष 2019 में 10 में से 7 अमेरिकियों ने कहा कि उनकी निजी जानकारी 5 साल पहले की तुलना में कम सुरक्षित थी। कंपनी ने कहा है कि पिछले four वर्षों में, दुनिया भर के यूजर्स ने उन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया है जो ज्यादा गोपनीयतासे फीचर्स प्रदान करते हैं।



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