नई दिल्ली: कोरोना (कोरोनावायरस) के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण देश एक बार फिर पूरे लॉकडाउन (पूर्ण लॉकडाउन) की ओर बढ़ गया है। ऐसे में बहुत से लोग जीरों बैलेंस वाला जन-धन खाता खुलवाने के लिए बैंकों में जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि पिछले साल की तरह इस बार भी केंद्र सरकार इन खातों में 500-500 रुपये राहत के तौर पर डाल सकती है।

यदि आप अभी तक जनधन खाता (प्रधानमंत्री जन धन योजना) से जुड़े नहीं हैं या आपके पास कोई पहले से ही बैंक में सामान्य सेविंग खाता है, तो आप इसे जनधन खाते में बदलवा सकते हैं। इसकी पसंद बेहद आसान है। इसके लिए आपको क्या करना होगा, इसके फायदे क्या हैं, आइए जानते हैं …

सेविंग अकाउंट को जनधन में कैसे बदल जाता है?

बैंक नियमों के अनुसार, कस्टमर्स अपने सेविंग अकाउंट (सेविंग अकाउंट) को जनधन खाते ()जनधन खाता) में बदलवा सकते हैं। इसके लिए कस्टमर्स को अपने बैंक में जाना होगा। बैंक पहुंचकर आपको सबसे पहले रुपे कार्ड (RuPay कार्ड) के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए निर्धारित फॉर्म भरकर बैंक में जमा करना होगा। जब ये फॉर्म स्वीकृत हो जाएगा तो आपका सेविंग अकाउंट जनधन खाते में बदल जाएगा।

जनधन खाता होने पर ये फायदे होंगे

१। खाते में मिनिमम बैलेंस रखने का झंझट नहीं।
२। सेविंग अकाउंट के रूप में ब्याज मिलेगा।
३। मोबाइल बैंकिंग की सुविधा भी मुफ्त रहेगी।
४। हर यूजर्स को 2 लाख रुपये तक का बीमा कवर।
५। 10 हजार रु।
६। 30,000 रुपये तक का लाइफ कवर। हालांकि यह लाभार्थी की मृत्यु पर योग्यताएं पूरी होने पर मिलती है।
।। कैश निकालने और खरीदारी के लिए रुपे कार्ड मिलता है।

इन सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा

१। कई सरकारी योजनाओं के पैसे के लिए खाएंगे।
२। बीमा, पेंशन प्रोडक्ट्स खरीदना आसान हो जाएगा।
३। देशभर में आसानी से कर ट्रांसफर होगा।
४। पीएम किसान और श्रमयोगी मानधन जैसी योजनाओं में पेंशन के लिए खाता खुल जाएगा।

नया खाता खुलवाने के लिए इन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत है

नया जनधन खाता खुलवाने के लिए आपको बैंक जाकर एक निर्धारित फॉर्म भरना होगा। इसमें खाताधारकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, व्यवसाय / रोजगार, आश्रितों की संख्या, वार्षिक आय, नॉमिनी, विलेज कोड या टाउन कोड आदि की जानकारी ली जाएगी। इस फॉर्म के साथ आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड, पास, मनरेगा जॉब कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड की जरूरत पड़ सकती है।

2015 में पीएम मोदी ने ‘योजना’ की शुरुआत की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (नरेंद्र मोदी) ने साल 2015 में यानी आज से लगभग 6 साल पहले जनधन योजना शुरू की थी। यह विशेष रूप से निम्न आय वाले वर्ग यानी कमजोर तबके को ध्‍यान में रखने से शुरू किया गया था, इसलिए वे जीरो बैलेंस में खाते खोल सकते हैं। भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक, जिसकी उम्र 10 वर्ष या उससे अधिक है, जनधन खाता खुलवा सकता है। मीडिया रिपेार्ट्स के मुताबिक, अब तक इस योजना के तहत 40 करोड़ से अधिक खाते खुल चुके हैं।

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